अल्फाज
Poem
Story
Features
Blog
Home
/
Poem
/
संघर्ष ए जिंदगी
संघर्ष ए जिंदगी
संघर्ष ए जिंदगी तुझे करना ही होगा,
गुजरे दिनों से विदा तुझे लेना ही होगा |
आता है कल जाता है कल,
हर मुमकिन तुझे ए जिंदगी आज में रहना ही होगा |
यादों से अपने नहीं, अपनों की यादें होती हैं,
मुस्कुरा कर उन यादों पर तुझे ए जिंदगी फासले को कम करना ही होगा
||
08:20:00
/
Unknown
/
0 comments
/
Poem
0 comments:
Post a Comment
Newer Post
Home
Subscribe to:
Post Comments ( Atom )
Powered by
Blogger
.
About Us
Welcome to my website, I hope you enjoy it.
Popular Posts
संघर्ष ए जिंदगी
संघर्ष ए जिंदगी तुझे करना ही होगा, गुजरे दिनों से विदा तुझे लेना ही होगा | आता है कल जाता है कल, हर मुमकिन तुझे ए जिंदगी ...
दर्द हमें क्यों होता है...
इतना दर्द हमें क्यों होता है, कुछ टूटा है या टूट रहा......।। ये मौसम बड़ा सुहाना है, रितु भी अति मस्त...
ताई कहां है तू
आज मैं ताई से नाराज भी थी और उसके प्यार को खोने से दुखी भी। ऐसा महसूस हो रहा था जैसे रास्ता खत्म...
प्यार... कितनी बार..??
सुबह की चाय के साथ समाचार पत्र पढ़ते समय अचानक एक खबर के शीषर्क पर मेरी नजर ठहर गई। फेसबुक से शुरू हो रिश्ता ख़त्म होने की कगार ...
आज फिर तुम हमसे...
आज फिर तुम हमसे मुखातिब हुए , थी उलझने वो मुझसे छिपाते दिखें ...।। थी नादान मैं तो , चलो मानती हूं , की है गलतियां हजारों ये भी स...
Labels
Poem
story
0 comments:
Post a Comment